MPPSC New Rules: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नया नियम लागू किया है। आयोग द्वारा जारी नई व्यवस्था के अनुसार अब इंटरव्यू के लिए चयनित उम्मीदवारों को तय समय सीमा के भीतर अपने सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। यदि कोई उम्मीदवार निर्धारित समय तक दस्तावेज जमा नहीं कर पाता है तो उसे अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
यह फैसला उन मामलों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जिनमें कई उम्मीदवार समय पर दस्तावेज जमा नहीं कर पाते थे, जिससे भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होती थी। नए नियम का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को समय पर पूरा करना और अनावश्यक देरी को कम करना है।
उम्मीदवारों को मिलेगा अतिरिक्त समय
MPPSC के नए नियम के तहत उम्मीदवारों को दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि के बाद भी कुछ अतिरिक्त समय दिया जाएगा। हालांकि यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त नहीं होगी। अतिरिक्त समय का लाभ उठाने वाले उम्मीदवारों को लेट फीस जमा करनी होगी।
आयोग का कहना है कि कई बार तकनीकी या व्यक्तिगत कारणों से उम्मीदवार समय पर दस्तावेज जमा नहीं कर पाते हैं। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त अवसर दिया जा रहा है, लेकिन इसके साथ आर्थिक दंड भी जोड़ा गया है ताकि उम्मीदवार समय सीमा का पालन करने के लिए गंभीर रहें।
Also Read
MPPSC New Rules: कितनी लगेगी लेट फीस?
नई व्यवस्था के अनुसार अंतिम तिथि निकल जाने के बाद भी उम्मीदवार कुछ कार्य दिवसों के भीतर अपने दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें 3 हजार रुपये की लेट फीस का भुगतान करना होगा।
यह शुल्क केवल उन उम्मीदवारों पर लागू होगा जो तय समय सीमा के बाद दस्तावेज जमा करेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि समय पर दस्तावेज जमा करने वाले उम्मीदवारों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं होगा।
सेल्फ-डिक्लेरेशन देना होगा जरूरी
लेट फीस के साथ दस्तावेज जमा करने वाले उम्मीदवारों को एक सेल्फ-डिक्लेरेशन भी देना होगा। इस घोषणा पत्र में उम्मीदवार को यह प्रमाणित करना होगा कि वह भर्ती विज्ञापन में बताई गई सभी पात्रता शर्तों को पूरा करता है।

इस कदम का उद्देश्य गलत जानकारी देने वाले उम्मीदवारों पर नियंत्रण रखना है। यदि किसी उम्मीदवार द्वारा गलत जानकारी दी जाती है तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है।
देरी ज्यादा हुई तो बढ़ेगा जुर्माना
MPPSC ने केवल पहली लेट फीस तक ही नियम सीमित नहीं रखा है। यदि कोई उम्मीदवार अतिरिक्त समय मिलने के बाद भी दस्तावेज जमा नहीं कर पाता है तो उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
ऐसे उम्मीदवारों को अंतिम अवसर दिया जाएगा, लेकिन इस स्थिति में उन्हें 25 हजार रुपये तक की लेट फीस जमा करनी पड़ सकती है। यह राशि सामान्य लेट फीस की तुलना में काफी अधिक है और उम्मीदवारों को समय सीमा का पालन करने के लिए प्रेरित करती है।
दस्तावेज जमा नहीं करने पर क्या होगा?
यदि उम्मीदवार बार-बार मौका मिलने के बाद भी आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करता है तो उसका नाम चयन प्रक्रिया से हटाया जा सकता है।
आयोग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया में अनुशासन बनाए रखने के लिए दस्तावेज सत्यापन को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें।
लेट फीस वापस नहीं मिलेगी
MPPSC ने यह भी साफ कर दिया है कि लेट फीस किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं की जाएगी।
मान लीजिए किसी उम्मीदवार ने लेट फीस देकर दस्तावेज जमा कर दिए, लेकिन बाद में पात्रता की कमी या अन्य कारणों से उसका आवेदन निरस्त हो जाता है, तब भी जमा की गई राशि रिफंड नहीं होगी। इसलिए उम्मीदवारों को दस्तावेज जमा करने से पहले अपनी पात्रता और सभी प्रमाण पत्रों की जांच कर लेनी चाहिए।
इंटरव्यू के लिए कितने उम्मीदवार बुलाए जाएंगे?
MPPSC आयोग ने इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पदों की संख्या के आधार पर उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
यदि किसी भर्ती में केवल एक पद है तो सीमित संख्या में उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। वहीं पदों की संख्या बढ़ने के साथ इंटरव्यू में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी बढ़ेगी। इसका उद्देश्य योग्य उम्मीदवारों को पर्याप्त अवसर देना है।
उम्मीदवारों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
MPPSC प्रक्रिया में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें। सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें और अंतिम तारीख से पहले ही उन्हें जमा कर दें।
इसके अलावा आवेदन फॉर्म में दी गई जानकारी और दस्तावेजों में किसी प्रकार की गलती न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। छोटी सी त्रुटि भी चयन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
निष्कर्ष
MPPSC का यह नया नियम भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब उम्मीदवारों को दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त अवसर तो मिलेगा, लेकिन इसके बदले उन्हें आर्थिक दंड भी भुगतना पड़ सकता है।
ऐसे में सभी अभ्यर्थियों के लिए सबसे बेहतर विकल्प यही है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज तैयार रखें और अंतिम तिथि से पहले ही जमा कर दें। इससे अतिरिक्त शुल्क, परेशानी और आवेदन रद्द होने जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
यह भी पढ़ें: Punjab and Haryana High Court Clerk Recruitment 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब इस तारीख तक करें अप्लाई


